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Showing posts from September, 2019

आलोचकोंका क्या कहना है?

आलोचकों का मानना है कि अपने गृह राज्य में 2002 में हिंसा के लिए उनके कथित संलिप्तता के लिए एक समय मोदी को कई साल तक अमरीका में प्रवेश रोक दिया गया था. प्रधानमंत्री भा रत में ध्रुवीकरण का एक चेहरा हैं जिन्हें कई लोग प्यार करते हैं लेकिन उन पर अक्सर अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ विभाजनकारी बयान और हिंसा का आरोप भी लगता रहा है. आलोचक उनके भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा लॉकडाउन का हवाला देते हैं. सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद पाँच अगस्त से वहां लॉकडाउन की स्थिति है. वहां हज़ारों राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, व्या पारियों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और व्यापक पैमाने पर संचार सेवा ध्वस्त हो रखी है . साथ ही सुरक्षा बलों पर दुर्व्यवहार और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप हैं. एक सामाजिक और राजनीतिक जानकार शिव विश्वनाथन ने कहा कि पुरस्कार का समय ऐसा है जब कश्मीर एक मुद्दा है जो ना केवल कश्मीरियों को बल्कि हमें परेशान कर रहा है. उन्होंने कहा, "कश्मीर में ट्रॉमा क्लीनिकों की बहुत ज़रूरत है. क्या गेट्स फाउंडेशन ​अधिकारों के नाम पर इसे स्थापि...