आलोचकों का मानना है कि अपने गृह राज्य में 2002 में हिंसा के लिए उनके कथित संलिप्तता के लिए एक समय मोदी को कई साल तक अमरीका में प्रवेश रोक
दिया गया था.
प्रधानमंत्री भारत में ध्रुवीकरण का एक चेहरा हैं जिन्हें कई लोग प्यार करते हैं लेकिन उन पर अक्सर अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ विभाजनकारी बयान और हिंसा का आरोप भी लगता रहा है. आलोचक उनके भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा लॉकडाउन का हवाला देते हैं. सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद पाँच अगस्त से वहां लॉकडाउन की स्थिति है.
वहां हज़ारों राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और व्यापक पैमाने पर संचार सेवा ध्वस्त हो रखी है. साथ ही सुरक्षा बलों पर दुर्व्यवहार और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप हैं.
एक सामाजिक और राजनीतिक जानकार शिव विश्वनाथन ने कहा कि पुरस्कार का समय ऐसा है जब कश्मीर एक मुद्दा है जो ना केवल कश्मीरियों को बल्कि हमें परेशान कर रहा है. उन्होंने कहा, "कश्मीर में ट्रॉमा क्लीनिकों की बहुत ज़रूरत है. क्या गेट्स फाउंडेशन अधिकारों के नाम पर इसे स्थापित करेगी. क्या मोदी प्रशासन इसकी अनुमति देगी."
विश्वनाथन ने कहा कि इस तथ्य को भी नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है कि बिल गेट्स जैसे परोपकारी मोदी सरकार की वैधता और झूठे दिखावे को बढ़ावा देते हैं. इसके बारे में निष्कपट कैसे हुआ जा सकता है.
मोदी ने आलोचनाओं पर जवाब नहीं दिया. हालांकि उन्होंने पुरस्कार के लिए फाउंडेशन को धन्यवाद दिया.
नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर बिल और मेलिंडा गेट्स को 2019 का ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड देने पर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए भारत ने पिछले पांच सालों में सफाई और स्वच्छता बेहतर करने के लिए कई प्रयास किए हैं.
फाउंडेशन ने क्या
हालांकि, आलोचनाओं के कारण उसने यह स्वीकार किया कि मोदी वास्तव में पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में से एक हैं.
मोदी पहले राजनेता नहीं हैं जिन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा है. इससे पहले लीबिया के पूर्व राष्ट्रपति एलेन जानसन सरलीफ को 2017 में यह पुरस्कार दिया गया था.
मोदी को सम्मानित करने के अपने निर्णय का बचाव करते हुए फाउंडेशन ने अपने बयान में बीबीसी से कहा कि स्वच्छता पर उल्लेखनीय ध्यान नहीं दिया जाता है और कई सरकारें इस पर बात करने की इच्छुक नहीं रहती है,ऐसे में इसका समाधान आसान नहीं होता है.
फाउंडेशन ने कहा, "स्वच्छ भारत मिशन से पहले भारत में 50 करोड़ से अधिक लोगों के पास शौचालय नहीं थे और अब उनमें से अधिकांश इसके दायरे में आ गए हैं. अभी भी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन भारत में स्वच्छता अभियान के प्रभाव दिख रहे हैं."
उन्होंने एक बयान में कहा, "स्वच्छ भारत मिशन दुनिया भर के अन्य देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर सकता है, जिन्हें दुनिया भर में ग़रीब लोगों के लिए स्वच्छता में सुधार करने की तत्काल ज़रूरत है."
कहा?
बिल गेट्स एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने कभी भी अधिकारिक तौर पर नहीं कहा कि मोदी को 2019 का ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड दिया जाएगा. और अवार्ड वेबसाइट ने कहा है कि इस साल के विजेताओं का नाम समारोह में घोषित किया जाएगा.
प्रधानमंत्री भारत में ध्रुवीकरण का एक चेहरा हैं जिन्हें कई लोग प्यार करते हैं लेकिन उन पर अक्सर अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ विभाजनकारी बयान और हिंसा का आरोप भी लगता रहा है. आलोचक उनके भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा लॉकडाउन का हवाला देते हैं. सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद पाँच अगस्त से वहां लॉकडाउन की स्थिति है.
वहां हज़ारों राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और व्यापक पैमाने पर संचार सेवा ध्वस्त हो रखी है. साथ ही सुरक्षा बलों पर दुर्व्यवहार और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप हैं.
एक सामाजिक और राजनीतिक जानकार शिव विश्वनाथन ने कहा कि पुरस्कार का समय ऐसा है जब कश्मीर एक मुद्दा है जो ना केवल कश्मीरियों को बल्कि हमें परेशान कर रहा है. उन्होंने कहा, "कश्मीर में ट्रॉमा क्लीनिकों की बहुत ज़रूरत है. क्या गेट्स फाउंडेशन अधिकारों के नाम पर इसे स्थापित करेगी. क्या मोदी प्रशासन इसकी अनुमति देगी."
विश्वनाथन ने कहा कि इस तथ्य को भी नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है कि बिल गेट्स जैसे परोपकारी मोदी सरकार की वैधता और झूठे दिखावे को बढ़ावा देते हैं. इसके बारे में निष्कपट कैसे हुआ जा सकता है.
मोदी ने आलोचनाओं पर जवाब नहीं दिया. हालांकि उन्होंने पुरस्कार के लिए फाउंडेशन को धन्यवाद दिया.
नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर बिल और मेलिंडा गेट्स को 2019 का ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड देने पर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए भारत ने पिछले पांच सालों में सफाई और स्वच्छता बेहतर करने के लिए कई प्रयास किए हैं.
फाउंडेशन ने क्या
हालांकि, आलोचनाओं के कारण उसने यह स्वीकार किया कि मोदी वास्तव में पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में से एक हैं.
मोदी पहले राजनेता नहीं हैं जिन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा है. इससे पहले लीबिया के पूर्व राष्ट्रपति एलेन जानसन सरलीफ को 2017 में यह पुरस्कार दिया गया था.
मोदी को सम्मानित करने के अपने निर्णय का बचाव करते हुए फाउंडेशन ने अपने बयान में बीबीसी से कहा कि स्वच्छता पर उल्लेखनीय ध्यान नहीं दिया जाता है और कई सरकारें इस पर बात करने की इच्छुक नहीं रहती है,ऐसे में इसका समाधान आसान नहीं होता है.
फाउंडेशन ने कहा, "स्वच्छ भारत मिशन से पहले भारत में 50 करोड़ से अधिक लोगों के पास शौचालय नहीं थे और अब उनमें से अधिकांश इसके दायरे में आ गए हैं. अभी भी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन भारत में स्वच्छता अभियान के प्रभाव दिख रहे हैं."
उन्होंने एक बयान में कहा, "स्वच्छ भारत मिशन दुनिया भर के अन्य देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर सकता है, जिन्हें दुनिया भर में ग़रीब लोगों के लिए स्वच्छता में सुधार करने की तत्काल ज़रूरत है."
कहा?
बिल गेट्स एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने कभी भी अधिकारिक तौर पर नहीं कहा कि मोदी को 2019 का ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड दिया जाएगा. और अवार्ड वेबसाइट ने कहा है कि इस साल के विजेताओं का नाम समारोह में घोषित किया जाएगा.
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